28 से 30 अक्टूबर तक होंगे कार्यक्रम, 25 हजार जायरीन के पहुंचने की उम्मीद
बदायूं। दरगाह-ए-आलिया कादरिया पर हजरत शाह ऐनुल हक मौलाना अब्दुल मजीद कादरी बदायूंनी रहमतुल्लाह अलैह का 185वां सालाना उर्स-ए-कादरी 28 से 30 अक्टूबर तक अकीदत और शानो-शौकत के साथ मनाया जाएगा। उर्स में देश-विदेश से करीब 25 हजार जायरीनों के पहुंचने की उम्मीद है। खानकाह आलिया कादरिया के प्रवक्ता मोहम्मद तनवीर खान कादरी ने पत्रकार वार्ता में उर्स के कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उर्स काजी-ए-जिला हजरत अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी, सज्जादानशीन खानकाह आलिया कादरिया की सरपरस्ती और हजरत मौलाना फजल-ए-रसूल मोहम्मद अज्जाम मियां कादरी की निगरानी में आयोजित होगा। जायरीनों की सुविधा के लिए खानकाह की ओर से विशेष इंतजाम किए जाएंगे। जायरीन दरगाह पर हाजिरी देकर अपनी मुरादों के लिए दुआ करेंगे।
29 अक्टूबर को होगी शाही की जियारत
उर्स के तहत 29 अक्टूबर को नमाजे जुहर के बाद तकरीबात होंगी और शाही की जियारत कराई जाएगी। रात में नमाजे इशा के बाद कादरी मजलिसी कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी। 30 अक्टूबर को नमाजे फज्र के बाद कुल की फातिहा के साथ उर्स का समापन किया जाएगा। उर्स एवं खानकाह व मदरसा आलिया कादरिया के नाजिम हाफिज अब्दुल कय्यूम कादरी ने भी आयोजन से जुड़ी जानकारी दी।
अपने दौर के बड़े सूफी थे साहिबे उर्स
हजरत शाह ऐनुल हक मौलाना अब्दुल मजीद कादरी बदायूंनी रहमतुल्लाह अलैह अपने दौर के बड़े सूफी और आध्यात्मिक व्यक्तित्व थे। उनकी विलादत 1765 ईस्वी में हुई थी। वह इबादत में मशगूल रहते थे और अपने संदेशों से लोगों का मार्गदर्शन करते थे। उनका विसाल 17 मुहर्रम, 1263 हिजरी को हुआ था। उनकी याद में हर साल उर्स-ए-कादरी का आयोजन किया जाता है।







